कुछ कहते है बांग्लादेसी है
कुछ कहते पाकिस्तानी है.
पर काश !हम ये समझ पाते
सब अपनी नादानी है
नेताओं में अब भी
सिर्फ बहस ही जारी है
शायद !
अगले हमले की तैयारी है
गोलियों की आवाजों
se ही नेता जागते हैं
जागकर भी एक दुसरे पर
बस फब्तियां ही कसते हैं
जगे bhi तो unko मरे शहीदों की
जानकारी चाहिए
किसी को संभावित हमलों से बचने
की तैयारी चाहिए फिर पैसों की खेती का नया मैदान
पर क्या कीमत उस गोद की
जिसने देश के लिए
न्योछावर की अपनी संतान
हे पवित्रभूमि आर्यमान
हम कब समझेंगे
हम सब हैं हिन्दुस्तानी
और "ये मेरा प्यारा हिन्दुस्तान"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें