बुधवार, 4 मई 2011

ये मेरा प्यारा हिंदुस्तान




कुछ कहते है बांग्लादेसी है
कुछ कहते पाकिस्तानी है.
पर काश !हम ये समझ पाते
सब अपनी नादानी है




नेताओं में अब भी
सिर्फ बहस ही जारी है
शायद !
अगले हमले की तैयारी है




गोलियों की आवाजों
se ही नेता जागते हैं
जागकर भी एक दुसरे पर
बस फब्तियां ही कसते हैं


जगे bhi तो unko मरे शहीदों की
जानकारी चाहिए
किसी को संभावित हमलों से बचने
की तैयारी चाहिए




फिर पैसों की खेती का नया मैदान
पर क्या कीमत उस गोद की
जिसने देश के लिए
न्योछावर की अपनी संतान

हे पवित्रभूमि आर्यमान   
हम कब समझेंगे
हम सब हैं हिन्दुस्तानी
और "ये मेरा प्यारा हिन्दुस्ता"


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